Sunday, December 9, 2012

मेरे पहले शब्द

यूं तो लिखने का शौक बचपन से ही था लेकिन शायद आज उतनी खुशी हो रही है जो शायद पहली बार कलम पकड़ने पर हुई होगी....खैर लिखने को तो जेहन में अल्फाज़ उमड़ पड़े हैं लेकिन शायद पहली लेख हो तो अपने जज्बातों पर काबू रखना चाहिेए....

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